
रायगढ़। मजदूर दिवस के अवसर पर प्रदेश भर के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया, छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी फेडरेशन के बैनर तले बड़ी संख्या में कर्मचारी रायगढ़ जिला मुख्यालय पहुंचे और रैली निकालकर वित्त मंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।

दरअसल, प्रदेश के विभिन्न जिलों से जुटे कर्मचारी वित्त मंत्री ओपी चौधरी के रायगढ़ स्थित कार्यालय का घेराव करने पहुंचे थे, लेकिन जिला प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के कारण उन्होंने शहर में रैली निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने फेडरेशन के मंच से घोषणा की थी कि भाजपा सरकार बनने पर दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण और स्थाईकरण किया जाएगा, इसके साथ ही ‘मोदी की गारंटी’ के तहत 100 दिनों के भीतर यह कार्य पूरा करने का वादा भी किया गया था

कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार बनने के बाद करीब 800 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है,इससे नाराज होकर मजदूरों ने मजदूर दिवस पर आंदोलन का रास्ता अपनाया।संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि नियमितीकरण का प्रस्ताव बजट में शामिल करना वित्त मंत्री का दायित्व है, लेकिन उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, यही कारण है कि प्रदेश भर के कर्मचारी रायगढ़ पहुंचकर विरोध दर्ज कराने को मजबूर हुए हैं,कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया,तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
