
सारंगढ़ में विकास के दावों की जमीनी हकीकत अब स वालों के घेरे में हैं। गड्डों में है। भरी सड़कें, बजबजाती नालियां, जलभराव और बंद स्ट्रीट लाइटों के बीच शहरवासी परेशान हैं। खास बात यह है कि प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा के सारंगढ़ दौरे के बीच शहर की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर सवाल और भी तेज हो गए हैं ।

सारंगढ़ नगरपालिका क्षेत्र में कई प्रमुख सड़कें लंबे समय से जर्जर हालत में है। तुर्की तालाब गार्डन से राजापारा मार्ग हो या बैंक ऑफ़ बड़ौदा से मिलन चौक तक का रास्ता , जगह-जगह गड्ढे और जलभराव राहगीर के लिए परेशान का करण बने हुए हैं।
वहीं बैंक ऑफ़ बड़ौदा से नगरपालिका कार्यालय तक जाने वाली सड़क की स्थिति भी सवाल खड़े कर रही है जिस मार्ग पर नगरपालिका का कार्यालय मौजूद हैं, इस सड़क बदहाली को लेकर अब शहरवासी व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। नगरपालिका कार्यालय मार्ग पर नालियों की सफाई नहीं होने से जलभराव और गंदगी की शिकायत भी सामने आ रही हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नालिया लबे समय से जाम है, जिसके चलते गंदा पानी आसपास जमा रहता है और बारिश के दौरान स्थिति और बिगड़ जाती है। रहवासियों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया, सबसे ज्यादा बिलासपुर मार्ग को लेकर है।
शहर को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली इस सड़क पर जगह-जगह गड्ढे नजर आ रहे हैं बारिश के दौरान गड्ढे में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क और गड्ढे के बीच अंतर करना मुश्किल हो जाता है। इसी मार्ग पर पूर्व नगरपलिका अध्यक्ष, भाजपा के जिला मंत्री समेत कई भाजपा नेताओं और स्थानीय लोगों आवाज भी बनाए जा रहे हैं
ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि जब प्रमुख नेताओं और जनप्रतिनिधियों के आवास वाले मार्ग की हालात ऐसे है, तो शहर के दूसरे हिस्सों की स्थिति क्या होगी

हालांकि सवाल सिर्फ सड़क और नालियों तक सीमित नहीं है शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर भी नागरिकों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों को कहना है कि कई इलाकों में होते ही अंधेरा अच्छा जाता है। खराब स्ट्रीट लाइटों के कारण रात में आवागमन के दौरान दुर्घटना और सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
नालियों की सफाई नहीं होने से मच्छरों और गंदगी की समस्या भी बढ़ने की शिकायतें की। नागरिकों का कहना है कि बारिश के मौसम जलभराव के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है और सफाई व्यवस्था को लेकर नगरपलिका को गंभीरता से काम करने की जरूरत है

अब बड़ा सवाल यही है कि सारंगढ़ की इस बदहाली के लिए आखिर ज़िम्मेदार कौन है ? शासन भाजपा का है और नगरपालिका अध्यक्ष कांग्रेस से है, लेकिन विकास और बुनियाद सुविधाओं के सवाल पर रजनीतिक आरोप -प्रत्यारोप से ज्यादा जरूरी है कि जिम्मेदारी तय हो और जनता को राहत मिले ।
प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा के दौरे के बीच शहरवासियों की नजर अब इस बात पर है कि क्या जर्जर सडकों, बंद नालियों, जलभराव और स्ट्रीट लाइट की समस्याओं पर पशासन और नगरपालिका की जवाबदेही तय होगी, फिर सारंगढ़ की जनता एक बार फिर आश्वासनों के भरोसे रहना पड़ेगा ।
फिलहाल सवाल यही है – सारंगढ़ की बदहाली का जिम्मेदार आखिर कौन ? और जनता को कब मिलेगी राहत ?
